गुरुवार, 2 अप्रैल 2009

संदेश

जब मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया था ,तो सोचा था कि सिर्फ़ कवितायें ही लिखूंगी .पर मुझे लगने लगा कि कविताओं में अपनी भावनाएँ तो सुन्दरता से अभिव्यक्त की जा सकती हैं ,पर विचार नहीं .तो मैंने यह नया ब्लॉग शुरू किया .इसके माध्यम से मैं अपने विचारों को अपने ब्लॉग-जगत के साथियों तक पहुँचाना चाहूँगी .मैं चाहूँगी की यह ब्लॉग नारी मुद्दों से सरोकार रखने वालों के लिए एक मंच का काम करे .मैं इस ब्लॉग को अन्य नारी सम्बन्धी ब्लॉग से जोड़ने का प्रयास भी करुँगी .मैं कुछ प्रश्न उठाऊंगी और अपने साथियों से अपेक्षा करुँगी कि वे इसका उत्तर बेहिचक दें।

4 टिप्‍पणियां:

  1. लिखिए स्वागत है ..पर बहस के सार्थक परिणाम की आशा न करें

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  2. बहुत बढिया सोंचा ... स्‍वागत है आपका ... शुभकामनाएं।

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  3. आपकी टिप्पणी मुझे मेरे ब्लॉग दलितमत पर मिली। अच्छा लगा। सहानुभूति की जरूरत है भी नहीं। कोई चीज छिपा कर जीना आसान है, बता कर जीना मुश्किल। आपका प्रोफाइल पढ़ा। अच्छा लगा।

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बहस चलती रहे, बात निकलती रहे...